मंत्रीजी! आपने कन्यादान में हैंडपंप देने की घोषणा की थी, क्या हुआ?

विवाह सम्मेलन में मंत्री सुशील कटारा ने 28 बेटियों को कन्यादान में दिए थे हैंडपंप डेढ़ साल बाद भी नहीं मिले ताे ससुराल वाले पूछ रहे पीहर से कब आएगा मंत्रीजी! आपने कन्यादान में हैंडपंप देने की घोषणा की थी, पूरी नहीं हुई, आचार संहिता से पहले लगवा देते, पहली बार होता कि बेटियां पानी लेकर ससुराल जाती। जी हां, ये शब्द और आक्रोश सीमलवाड़ा क्षेत्र के पाटीदार समाज के उन युवाओं और लोगों के है जो 28 मार्च 2017 में सामूहिक विवाह आयोजन में मंत्री की घोषणा के साक्षी…

Read More

बांसवाड़ा की 5 विधानसभा सीटों के लिए 38 ने जताई दावेदारी

Banswara News | Mewar Sandesh

नामांकन जमा करवाने के अंतिम दिन तक बांसवाड़ा की पांच विधानसभा सीटों पर 38 जनों ने दावेदारी जताई है। बांसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से 6 प्रत्याशियों ने 9 नामांकन प्रस्तुत किए, जिसमें निर्दलीय छगनलाल, निर्दलीय दलीचन्द मईड़ा, प्रभुलाल मईडा, रूपचन्द ने नामांकन प्रस्तुत किए। धनसिंह ने बीजेपी से एक एवं निर्दलीय के रूप में दो तथा हकरू मईडा ने बीजेपी से दो नामांकन प्रस्तुत किए। घाटोल में 6 प्रत्याशियों ने 7 नामांकन प्रस्तुत किए जिसमें से जेडीयू के बापुड़ा ने एक, बीएसपी के लक्ष्मण ने एक, निर्दलीय मदनलाल मईड़ा ने एक,…

Read More

बांसवाड़ा में सामान्य वर्ग के वोट बिगाड़ सकते हैं समीकरण

Banswara News | Mewar Sandesh

बांसवाड़ा | एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के बाद सामान्य वर्ग बाजार बंद रखकर अपना विरोध जताने के साथ ही नोटा को वोट करने की बात कह चुका है। अगर ऐसा होता है तो जिले में गढ़ी और बांसवाड़ा विधानसभा की सीटों का समीकरण बिगड़ सकता है। दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग निर्णायक भूमिका अदा करता आया है। गढ़ी में जहां कुल वोटर्स में करीब 38 फीसदी सामान्य वर्ग के वोट तो बांसवाड़ा में भी 35 फीसदी सामान्य वर्ग के वोटर्स है। सबसे कम प्रभावित क्षेत्र है तो कुशलगढ़…

Read More

अभी तक क्यों नहीं ढंके लोकार्पण-शिलान्यास के शिलालेख ?

विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लगे 23 दिन बीतने के बावजूद प्रशासन ने अभी तक लोकार्पण-शिलान्यास के शिलालेख नहीं ढंके हैं। जिले के विभिन्न सरकारी भवनों समेत अन्य जगहों के लगे शिलालेख नेताओं का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। बावजूद इसके अब तक इन्हें ढंका नहीं है। ये शिलालेख मौजूदा सरकार से लेकर पूर्ववर्ती सरकार और केंद्र सरकार के कार्यों के भी हैं। जिन पर विभिन्न सरकारों के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों, योजनाओं और नेताओं के नाम लिखे हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि अधिकांश…

Read More

मेवाड़ की 28 में से 16 सीटों पर ‘भील’ है निर्णायक भूमिका में

7 दिसंबर को राजस्थान में मतदान होना है, जिसके चलते पार्टियां जोरो-शोरों से अपने प्रचार-प्रसार में जुट गई हैं। वोट बैंक को पक्का करने की भी रणनीति तय की जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर आदिवासी वोट बैंक पर है। आदिवासी वोट बैंक मे सबसे ज्यादा अहमियत भील जनजाति रखती है। राजस्थान में आदिवासी जनसंख्या की दृष्टि से भील जनजाति का द्वितीय स्थान है। भील मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर व राजसमंद जिलों में निवास करते हैं। इनकी सर्वाधिक संख्या उदयपुर जिले…

Read More

मेवाड़ – वागड़ में विधानसभा सीटों का क्या है हाल ?

मेवाड़, यह वही क्षेत्र है, जहां चारभुजाजी से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गौरव यात्रा की शुरुआत की थी। गौरव यात्रा…विजय यात्रा बन पाएगी या नहीं… इसमें संशय है। धरातल सत्तारूढ़ दल के लिए आसान नहीं है। एंटीइनकमबेंसी झेल रही भाजपा की उम्मीदों का सहारा यहां सिर्फ कांग्रेस के संगठन का कमजोर होना और उसके नेताओं की निष्क्रियता भर है। स्थानीय भाजपा का संगठन मजबूत तो है, लेकिन कार्यकर्ता उत्साहित नहीं दिखते। इलाके में भाजपा की सबसे मजबूत सीटों में उदयपुर, राजसमंद और प्रतापगढ़ ही हैं। प्रमुख सीटों की स्थिति नाराजगियां…

Read More

सरकारी विभागों को भी कटना होगा GST पर टीडीएस

जीएसटी कर प्रणाली के अन्तर्गत सरकारी विभाग, स्थानीय निकाय, सरकारी एजेन्सी, संस्था और जीएसटी कौंसिल की अनुशंषा पर सरकार की ओर से अधिसूचित व्यक्तियों का समूह के माध्यम से 2.50 लाख से अधिक की सप्लाई पर दो प्रतिशत जीएसटी के टीडीएस के रूप में काटने का प्रावधान है। इस प्रावधान को जीएसटी कौंसिल की ओर से व्यापारियों को जीएसटी प्रावधानों में तकनीकी कठिनाईयों को देखते हुए सहुलियत प्रदान की गई। 30 सितम्बर तक टीडीएस संबंधी प्रावधानों को स्थगित रखा गया। चूंकि जीएसटी कर प्रणाली को लागू होने के बाद पर्याप्त…

Read More