तीन राज्य गंवाकर भाजपा सन्न, सेमीफाइनल के नतीजों ने बजाई खतरे की घंटी

केंद्र की सत्ता के सेमीफाइनल माने जाने वाले 5 राज्यों के चुनाव नतीजे ने भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। पार्टी को जहां हिंदी हार्टलैंड के तीन अहम राज्य मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के हाथों गंवाने पड़े, वहीं मिजोरम और तेलंगाना में किंगमेकर बनने के सपने पर भी ग्रहण लग गया।

दरअसल बीते साल गुजरात विधानसभा चुनाव में किसान वर्ग में बढ़ती नाराजगी को पार्टी भांप नहीं पाई और उसे इसकी कीमत तीन अहम राज्यों को गंवा कर चुकानी पड़ी। इसके साथ ही पार्टी स्वशासित राज्यों में दमदार प्रदर्शन न कर सकने की भ्रांति भी दूर नहीं कर पाई।

नतीजे पर नेतृत्व ने फिलहाल चुप्पी साध रही है, मगर राज्यों केनेता निजी बातचीत में यह स्वीकार करने में नहीं हिचक रहे कि पार्टी को किसानों की नाराजगी ले डूबी। इन तीनों ही राज्यों में किसानों की ऋण माफी, फसलों की उचित कीमत दिलाने का कांग्रेस का सियासी दांव पार्टी पर भारी पड़ गया।

जबकि बीते साल गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्रोह का बिगुल बजा कर किसान वर्ग ने अपनी नाराजगी से भाजपा नेतृत्व को आगाह कर दिया था। इसके बावजूद खेती-किसानी के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व अतिआत्मविश्वास का शिकार हो गई।

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