भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा 

पांच राज्यों के नतीजों से पहले  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर पद से उर्जित पटेल और डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपना इस्तीफा दे  दिया है। इस अप्रत्याशित कदम की वजह को लेकर को लेकर पटेल ने कहा है कि उन्होंने निजी कारणों के चलते इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई में अपनी सेवाएं देकर मैं खुद को सम्मानित महसूस करता हूं।  पटेल आरबीआई के 24वें गवर्नर थे।

आरबीआई की स्वायत्ता पर क्या पड़ेगा असर?

पटेल के इस कदम से आरबीआई की स्वायत्ता पर असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि सरकार के पास एक तरह से केंद्रीय बैंक का पूरा नियंत्रण चला जाएगा। जिन कारणों से उर्जित पटेल को गवर्नर पद से इस्तीफा देना पड़ा उनमें सरकार द्वारा सेक्शन 7 का इस्तेमाल करने की बात कहना और छोटे उद्योगों के लिए लोन आसान बनाना, कर्ज और फंड की समस्या से जूझ रहे 11 सरकारी बैंकों को कर्ज देने से रोकने पर राहत और शैडो लेंडर्स को ज्यादा लिक्विडिटी देना शामिल है।

आरबीआई भी सरकार के रवैये को लेकर आक्रामक है। उसका कहना है कि क्या सरकार बैंक कि स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है। इसके लिए उसने 2010 के अर्जेंटीना के वित्तीय बाजार का भी उदाहरण दिया है।

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