शीतकालीन सत्र से पहले 17 विपक्षी दलों की बैठक

नई दिल्ली | पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होते ही विपक्षी दलों ने 2019 लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा की घेराबंदी शुरू कर दी। महागठबंधन की कोशिशों में जुटे आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई। इसमें 17 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में बसपा और सपा का कोई नेता नहीं पहुंचा। हालांकि, मुलायम सिंह ने रविवार को कहा था कि वे इसमें शामिल होंगे।

नायडू 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ सभी क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होेंने कहा था कि जो पार्टियां देश को बचाना चाहती हैं, उन्हें साथ काम करना होगा। पहले यह बैठक 22 नवंबर को रखी गई थी, लेकिन 5 राज्यों में चुनाव के चलते इसे टाल दिया गया था।

बैठक का मुख्य एजेंडा गैर-भाजपा फ्रंट रहा। विपक्षी दलों की इस बैठक में शीतकालीन सत्र को लेकर भी चर्चा हुई। सभी दलों ने आगामी सत्र में किसान, बेरोजगारी, राफेल और महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। इसके अलावा बैठक में जीएसटी के प्रभाव और संविधान पर खतरे को लेकर भी चर्चा हुई।

सोनिया-मनमोहन भी शामिल हुए

शीतकालीन सत्र के एक दिन पहले बुलाई गई इस बैठक में सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में कांग्रेस नेता अहमद पटेल, एके एंटोनी, गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत भी मौजूद रहे।

17 दल के नेता रहे मौजूद

बैठक में सोनिया, राहुल के अलावा जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) अध्यक्ष एम के स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल, झारखंड विकास मोर्चा के बाबुलाल मरांडी और लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेता शरद यादव भी इस बैठक में शामिल हुए।

खुद को बचाने के लिए साथ आ रहीं विपक्षी पार्टियां- भाजपा

भाजपा ने कहा कि विपक्ष की यह बैठक केवल फोटो खिचाने के लिए है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि भ्रष्ट विपक्षी दल खुद को बचाने के लिए साथ आ रहे हैं। वहीं, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महागठबंधन को पहले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय करना चाहिए, इसके बाद उन्हें मोदी को हटाने के बारे में सोचना चाहिए।

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