क्यों न मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ दिया जाये ?

Why Not We Link Voter’s ID Cards with Aadhaar?

क्यों नहीं इस देश में  राजनैतिक सुधारो के लिए मतदाता पहचान पत्रों को आधार से जोड़ दिया जाए जिससे इसका दुरूपयोग रोका जा सके | इससे देश में फर्जी वोटर सवतः ख़त्म हो जायेंगे और आधार की तरह मतदाता पहचान पत्र भी सभी के पास एक ही होगा |

भारत की ज्यदातर समस्याओ का एक ही कारण है वो है राजनीती ! क्यूंकि देश में सभी विक्रतियो की पीछे कही न कही राजनीती जरुर जुडी होती है | हमारे देश में राजनीती से समाज बहुत हद तक प्रभावित होता है क्यूंकि इससे हर व्यक्ति प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से प्रभावित होता है | अतः सुधारो में सर्वप्रथम राजनैतिक सुधार होना अति आवश्यक है |

भारत में मतदान व्यवस्था पूर्ण रूप से मतदाता पहचान पत्र पर आधारित है पर बहुत बड़ी संख्या में इसका दुरुपयोग होता है | देश में जहा चुनाव होते है वहा भरी संख्या में मतदाता पहचान पत्र नए बनाये जाते है | कर्णाटक चुनावो के समय में एक स्थान पर बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिले, गर्बदी की आशंका के चलते चुनाव स्थगित करने पड़े | मतदाता पहचान पत्र में ऐसा कुछ नहीं है की उनका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सके या एक ही व्यक्ति के एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र नहीं बन सके | इसलिए इसका सर्वाधिक दुरूपयोग होता है |

मतदाता पहचान पत्र पर व्यक्ति की पहचान का कोई आधार जैसा कोई मापदंड नहीं है | एक व्यक्ति अगर एक से अधिक स्थान की मतदाता सूचियों में दर्ज है तो वह आसानी से दोनों जगह पर मतदाता पहचान पत्र बना सकता है | सहर और गाँव में अलग अलग होने की स्थिति में पंचायत चुनावो में इसका सर्वाधिक दुरूपयोग होता है | एक ही व्यक्ति शहर में और गाँव में दोनों जगह मतदान कर सकता है | यही कारण चुनावो से ठीक पहले मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नए नाम जोड़े जाते है |

क्यों न सभी मतदाता पहचान पत्रों को आधार से लिंक कर दिया जाए, इससे जिसके एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र बने हुए उसमे से एक को मान्य कर अन्य सभी निरस्त कर दिए जाए | इससे सभी फर्जी वोटर जिनका दुरूपयोग हर बार चुनावो में होता वो स्वतः ख़त्म हो जायेंगे | और एक व्यक्ति सम्पूर्ण भारत में एक ही स्थान पर आवंटित बूथ पर अपने मत का प्रयोग कर सके, इससे चुनावो के समय प्रवासी नागरिको को लाने ले जाने में होने वाले व्यय को रोका जा सके |

चुनावो में सर्वाधिक दुरूपयोग गरीबो का होता है इसमे उन्हें बिना बताये चाँद रूपये देकर किसी भी स्थान पर वोट दिलाया जाता है साथ ही इसमे विधान सभा चुनावो के समय पर सीमावर्ती क्षेत्रो से फर्जी वोटरों को लाकर मतदान कराया जाता है | इस तरह के षड्यंत्रों में प्रवासी नागरिक, विभिन्न निजी कर्मियों, मजदूरो और गरीबो का सभी पार्टिया इस्तेमाल करती है | इस तरह से राजनैतिक अस्थिरता पैदा कर लोकतंत्र में जनता के वास्तविक मैंडेट को बदला जाता रहा है |

मतदाता पहचान पत्र को जोड़ने के साथ ही राजनैतिक सुधारो की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी | जिस तरह से आज के डिजिटल दौर में पहचान से जुडी हर चीज को आधार से जोड़ा जा रहा है जिसमे चाहे बैंक खाता हो या शिक्षा से जुड़े दस्तावेज तो देश का भविष्य तय करने वाले मतदाता पहचान पत्र को क्यों आधार से नहीं जोड़ा जा सकता है | इससे देश में लगभग 12-15 प्रतिशत फर्जी वोटर मतदाता सूचियों से स्वतः गायब हो जायेंगे जिसका वास्तविक रूप में कोई अस्तित्व ही नहीं है |

आज के युग में हर पहचान पत्र और निजी उपयोग में आने वाली प्रत्येक चीज को जैसे मोबाइल सिम, शिक्षा प्रमाण पत्र, गैस कनेक्शन, बैंक खाते, पैन कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न, वाहन रजिस्ट्रेशन, सम्पति दस्तावेज, भूमि रजिस्ट्रेशन, जॉब्स वेरिफिकेशन, ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन, KYC और अन्य सभी को अधर से जोड़ा जा रहा है | संभवतः ऐसी कोई भी जगह नहीं है जहा आपसे पहचान पत्र के तौर पर सबसे पहले आधार नहीं माँगा जाता हो | तो ऐसे समय में देश के भविष्य को तय करने में उपयोग आने वाले मतदाता पहचान पत्र को अलग क्यों रखा जा रहा है | यह सभी राजनैतिक दलों की एक सची समझी साजिश है इसको रोका जाने चाहिए |

अगर मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ दिया जाए और जिसमे यह अनिवार्यता कर दे की अगर आपका मतदाता पहचान पत्र और आधार आपस में जुड़े नहीं है तो आपको मतदान करने का अधिकार नहीं होगा |  इससे सभी राजनैतिक पार्टिया इसमे सहयोग देगी क्यूंकि कोई भी पार्टी वोट कम होने नहीं देना चाहेगी | और जो मतदाता पहचान पत्र किसी भी आधार से नहीं जुड़ा हो उसको स्वतः निरस्त कर दिया जाए | इससे केवल वास्तविक मतदाता ही मतदाता सूची में होंगे और हर मतदाता का किसी भी एक ही स्थान के मतदाता सूची में नाम होगा | जहा की मतदाता सूची में नाम है उसे वोट देने का अधिकार वाही हो अथवा डाक मतपत्र से वोट देने का अधिकार हो | इस तरह चुनावो में मतदाता पहचान पत्र के दुरूपयोग रोका जा सकेगा और फर्जी वोटर ख़त्म हो जायेंगे |

– देवेन्द्र सिंह राव ( द एनालाइजर )

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